Thursday, May 1, 2008

मन्दिर और aastha

I have seen that many people visit religious places and then crib almost everything about them,like its very dirty, there is no system, pandas are very arrogant and many more complaints like this.One thing must be kept in the mind that we are vising religious place and for what- to see god, meet god, its not a vacation or tourism only. भगवन सिर्फ़ भावना से मिलते हैं और अगर हम मी वह समर्पण और भावना ही नही टू हम वहाँ क्यों जाते हैं देखने के लिए टू दुनिया मी बहुत कुछ हा, कहीं भी जा सकते हैं, और यह जो सब समस्या हा उसका कारन भी इश्वर नही हम इंसान हा,वही लोग जो सब से ज्यादा शिकायत करते हैं, वही सब से कम नियम का पालन करते हैं,अगर हम सब ध्यान रखे और अपनी सुविधा न देख कर सब जगह सफाई रखे टू सब ठीक हो jaaye , और इश्वर के दुराबार मी जा कर अपनी सामुर्थ के अनुसार अगर हम कुछ देते हैं टू क्या हा, यह भी daan की तरह जीवन का एक कर्म ha

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